AI

प्लगइन की मदद से आप AI को दिशा दे सकते हैं कि वह कहानियाँ, तस्वीरें और आगे की कहानी के सुझाव कैसे बनाए। कहानी का लहजा, ढाँचा, उसकी दुनिया और रचनात्मक नियम आपके हाथ में रहते हैं — ताकि नतीजे ज़्यादा सुसंगत और आपकी पसंद के मुताबिक हों।

आप प्लगइन पूरे अकाउंट पर लागू कर सकते हैं या चुनिंदा राइटिंग पैक पर। एक साथ कई प्लगइन सक्रिय रह सकते हैं, बशर्ते उनके नियम आपस में न टकराएँ। आप जितने चाहें प्लगइन बना और इंस्टॉल कर सकते हैं। फ़्री अकाउंट में हर अध्याय के लिए अधिकतम 2 प्लगइन और प्रीमियम अकाउंट में अधिकतम 15 प्लगइन चालू किए जा सकते हैं।

प्लगइन क्या कर सकते हैं?

1. कहानी कहने के नियम अपनी पसंद से तय करें

AI को बताएँ कि कहानी की रफ़्तार, उसका ढाँचा और तनाव कैसा हो, और हर अध्याय किन नियमों पर चले।

गद्य की अपनी आवाज़ तय करने के लिए राइटिंग स्टाइल इस्तेमाल करें। वाक्यों की लय, शब्दों का चुनाव, दृश्यात्मक भाषा और पात्रों के बोलने का अंदाज़ राइटिंग स्टाइल का हिस्सा हैं। आप हर अध्याय के लिए एक स्टाइल चुनते हैं और चुनने से पहले उसका नमूना पढ़ सकते हैं। गद्य से जुड़े सामान्य निर्देशों पर उसी को प्राथमिकता मिलती है। पढ़ें: अपना राइटिंग स्टाइल कैसे सेट करें।

उदाहरण:

  • हर अध्याय की शुरुआत किसी दृश्य के बीच से करें। शुरुआत कभी पात्र के जागने या मौसम के वर्णन से न करें।
  • कहानी की रफ़्तार चुस्त रखें: कोई भी दृश्य अध्याय के एक-तिहाई से लंबा न हो और हर दृश्य से पात्रों के लिए कुछ न कुछ बदले।
  • हर अध्याय को किसी अनसुलझे सवाल या फ़ैसले पर खत्म करें।
  • रोमांस का तनाव धीरे-धीरे बढ़ाएँ। पात्र अपनी भावनाएँ ज़ाहिर करने में वक़्त लें और बातचीत में संयम रखें।

2. सीमाएँ और पसंद तय करें

प्लगइन के ज़रिए AI को बताएँ कि कहानी की सामग्री और लहजे में किन चीज़ों से बचना है और किन पर ज़ोर देना है। इससे नतीजे आपकी रचनात्मक सोच के मुताबिक रहते हैं।

उदाहरण:

  • पात्र झूठ तभी बोलें जब उसके पीछे डर, अपराधबोध या किसी को बचाने की साफ़ वजह हो।
  • आधुनिक तकनीक का ज़िक्र न करें। कहानी की दुनिया कालातीत या औद्योगिक युग से पहले की लगे।
  • हँसी-मज़ाक से तनाव हल्का न करें। कहानी में यथार्थ और भावनाओं की गहराई बनी रहे।

3. अपनी फ़ैंटेसी दुनिया के नियम तय करें

दुनिया के नियम प्लगइन में रख सकते हैं, ताकि उन्हें बार-बार दोहराना न पड़े। प्रजातियाँ, सामाजिक व्यवस्था, जादू के नियम, भूगोल या इतिहास का संदर्भ तय करें।

उदाहरण:

  • जादू केवल कुछ वंशों के लोगों को आता है। मंत्र प्राचीन सिल्वन भाषा में बोले जाने चाहिए। तकनीक 18वीं सदी के स्तर पर ही है।
  • इस दुनिया में तीन चाँद हैं और अक्सर आने वाले सौर तूफ़ान संचार में बाधा डालते हैं। संवेदनशील पात्रों के मिज़ाज और बर्ताव पर भी इनका असर पड़ता है।
  • बुद्धिमान प्राणियों की पाँच ज्ञात प्रजातियाँ हैं। एलारी गंध के ज़रिए संवाद करते हैं और शारीरिक रूप से झूठ बोल ही नहीं सकते। राजनीति गंध-संकेतों से तय हुए समझौतों के इर्द-गिर्द घूमती है।
  • धार्मिक व्यवस्था इस दुनिया का केंद्र है। ज़्यादातर पात्र मौन मार्ग का पालन करते हैं, जिसमें सूर्योदय से पहले बोलना मना है।

4. तस्वीरें बनाने में AI को दिशा दें

तस्वीरों के लिए Prompt बनाते समय AI किस बात पर ज़ोर दे, यह तय करें — पात्रों के रूप-रंग की बारीकियों से लेकर कहानी की थीम से मेल खाती पृष्ठभूमि तक।

उदाहरण:

  • पात्रों में हल्की अलौकिक झलक हो — चमकती आँखें, लहराते कपड़े और पीछे नरम सुनहरी रोशनी।
  • महल विशाल और प्राचीन दिखें, ऊँची मीनारों और हवा में तैरते मंचों के साथ — हाई फ़ैंटेसी कॉन्सेप्ट आर्ट जैसे।
  • रात के दृश्यों में गहरे रंग रखें — चाँदनी, चमकती काई और जादुई नदियाँ।
  • पोशाकों में बारोक दौर के अभिजात वर्ग की झलक हो — बारीक कढ़ाई, सधी हुई बनावट और प्रतीकात्मक गहने।

5. आगे की कहानी के बेहतर सुझाव पाएँ

हर अध्याय के अंत में प्लगइन AI को ऐसे सुझाव देने में मदद करते हैं जो आपकी कहानी के लहजे और रफ़्तार से मेल खाएँ।

उदाहरण:

  • भावनात्मक मोड़ों को प्राथमिकता दें। कहानी में अचानक मोड़ तभी लाएँ जब उसके संकेत पहले से दिए गए हों।
  • रोमांस का तनाव बढ़ता रहे, मगर उसे बहुत जल्दी खत्म न करें। कहानी के इस हिस्से के बीच नए पात्र न लाएँ।
  • फिर से घटनाओं की तेज़ रफ़्तार में लौटने से पहले पात्रों को अपने भीतर झाँकने या सोचने का मौका दें।
  • अगला अध्याय किसी नई जगह से शुरू हो और हाल के फ़ैसलों के नतीजे दिखाए।

6. अलग-अलग कहानियों में निरंतरता बनाए रखें

कई कहानियों या पूरे राइटिंग पैक पर प्लगइन लागू करें, ताकि उनका लहजा, नियम और दुनिया का तर्क एक जैसा रहे। लंबी कहानियों और एक ही दुनिया में रची गई कई कहानियों के लिए यह ख़ास तौर पर उपयोगी है।

तथ्य प्रोफ़ाइल में रखें, नियम प्लगइन में। किसी ख़ास पात्र या जगह की जानकारी उसकी प्रोफ़ाइल में लिखें। पात्र का Background फ़ील्ड और जगह का Description फ़ील्ड AI हर उस अध्याय में पढ़ता है जहाँ वे आते हैं। प्लगइन में वे नियम रखें जो पूरी दुनिया या हर कहानी पर लागू होते हैं।

उदाहरण:

  • सभी पात्र दूसरों के सामने औपचारिक ढंग से बोलें और केवल अकेले में सहज भाषा अपनाएँ।
  • शहरों के बीच सफ़र में कई दिन लगते हैं, कुछ घंटे नहीं। पात्र जिस दृश्य में रवाना हों, उसी दृश्य में मंज़िल पर न पहुँचें।
  • एक प्लगइन जिसमें कई कहानियों में इस्तेमाल होने वाली समानांतर ब्रह्मांडों की व्यवस्था के आंतरिक नियम हों।

7. तय करें AI क्या याद रखे (मेमोरी प्लगइन)

मेमोरी प्लगइन से आप तय कर सकते हैं कि AI अध्यायों के बीच संदर्भ कैसे बनाए। सही बातें याद रहेंगी या नहीं, यह संयोग पर छोड़ने के बजाय उसे बताएँ कि किस तरह की जानकारी को अहमियत देकर आगे ले जाना है।

लंबी कहानियों में यह ख़ास तौर पर काम आता है, जहाँ निरंतरता ज़रूरी होती है — जैसे पात्रों ने क्या पहना है, वे कहाँ हैं, क्या जानते हैं और समय के साथ उनके रिश्ते कैसे बदले हैं।

मेमोरी प्लगइन AI को बताता है कि किस बात का हिसाब रखना है। यह तथ्य दर्ज करने की जगह नहीं है। अगर आप चाहते हैं कि AI को किसी पात्र के अतीत की कोई घटना पता हो, तो उसे उस पात्र के Background फ़ील्ड में लिखें। मेमोरी प्लगइन में लिखा «याद रखो कि लीना कभी पेरिस में रहती थी» कहानी लिखने वाले AI तक नहीं पहुँचता। लेकिन Background में लिखा «लीना तीन साल पेरिस में रही थी और उसे अब भी वहाँ की याद आती है» हर अध्याय में उस तक पहुँचता है।

मेमोरी प्लगइन दूसरे तरह के प्लगइन से कैसे अलग हैं:

  • इंस्टॉल होते ही ये अपने-आप सक्रिय हो जाते हैं, चाहे पूरे अकाउंट पर हों या किसी राइटिंग पैक पर। इन्हें स्टोरी जेनरेटर प्लगइन की तरह अलग से चालू नहीं करना पड़ता।
  • ये उस AI को दिशा देते हैं जो अध्यायों के बीच सारांश और संदर्भ तैयार करता है, न कि उस AI को जो अध्याय लिखता है।
  • कहानी के पहले अध्याय पर इनका असर नहीं होता। तब तक आगे ले जाने के लिए कोई जानकारी होती ही नहीं, इसलिए इनका असर दूसरे अध्याय से दिखेगा।

उदाहरण:

  • पात्रों ने क्या पहना है, इसका हमेशा विस्तार से वर्णन करें।
  • हर दृश्य कहाँ घटता है और हर अध्याय के अंत में पात्र कहाँ मौजूद हैं, इसका हिसाब रखें।
  • पात्रों के बीच के निजी मज़ाक या बार-बार बोले जाने वाले जुमले याद रखें और उनका ज़िक्र करें।
  • भावनाओं में आए बदलाव और रिश्तों के अहम पड़ावों का हिसाब रखें।
  • चोटों, शारीरिक बदलावों या रूप-रंग में आए बदलावों को दर्ज करें और अगले अध्यायों में भी उनका ध्यान रखें।
  • अध्यायों के बीच तारीख़, दिन का समय, मौसम और ऋतुओं का हिसाब रखें।
  • किसने किससे क्या कहा, इसका ध्यान रखें — राज़, झूठ या छिपी हुई जानकारी वाली कहानियों में यह काम आता है।

ध्यान रखें: मेमोरी प्लगइन AI को बताते हैं कि किस बात को प्राथमिकता देनी है, लेकिन वे डेटाबेस नहीं हैं। AI आपके निर्देशों का पालन करने की पूरी कोशिश करता है और आम तौर पर अच्छे नतीजे देता है। फिर भी बहुत लंबी या पेचीदा कहानियों में कुछ बातें छूट सकती हैं। अगर कोई जानकारी बेहद ज़रूरी है, तो पहले उसे पात्र या जगह की प्रोफ़ाइल में लिखें। और अगर वह तथ्य नहीं बल्कि नियम है, तो स्टोरी जेनरेटर प्लगइन बेहतर विकल्प है, क्योंकि उसका निर्देश सीधे कहानी लिखने वाले AI तक पहुँचता है।

किसी एक अध्याय का पूरा पाठ AI को पढ़वाना चाहते हैं? अपने Prompt में @chapter से उसका संदर्भ दें। कहानी लिखते समय AI उस अध्याय का पूरा पाठ पढ़ेगा, जिसमें हूबहू शब्द और छोटी-छोटी बातें भी शामिल होंगी। देखें: अपने Prompt में अध्यायों का संदर्भ कैसे दें।

शुरुआत कैसे करें: एक-दो सरल निर्देशों से शुरू करें और देखें कि अगले कुछ अध्यायों पर उनका क्या असर होता है। बाद में आप उन्हें सुधार सकते हैं या नए निर्देश जोड़ सकते हैं।

प्लगइन कैसे बनाएँ

  1. अपने डैशबोर्ड में प्लगइन सेक्शन खोलें।
  2. «नया प्लगइन बनाएँ» पर क्लिक करें।
  3. नाम लिखें और बदलाव का प्रकार चुनें — यानी प्लगइन किस चीज़ पर असर डालेगा:
    • कहानी जनरेटर
    • इमेज जनरेटर
    • आगे की कहानी के आइडिया
    • मेमोरी
  4. अपने निर्देश सरल भाषा में लिखें।
  5. इंस्टॉलेशन ब्लॉक में चुनें कि इसे कहाँ रखना है — कहीं नहीं, पूरे अकाउंट पर या किसी ख़ास राइटिंग पैक में — फिर बनाएँ पर क्लिक करें। (बाद में प्लगइन की जगह «कहीं नहीं» चुनकर उसे अनइंस्टॉल भी किया जा सकता है।)

बेहतर नतीजों के लिए सुझाव

  • सीधे निर्देश दें। AI को साफ़ बताएँ कि क्या करना है: «अध्यायों के बीच चोटों का हिसाब रखो» कहना, «अच्छा होगा अगर चोटें याद रखी जाएँ» कहने से ज़्यादा कारगर है।
  • अस्पष्ट विचारों के बजाय ऐसे निर्देश दें जिन पर अमल किया जा सके।
  • आपस में जुड़े नियम एक ही प्लगइन में रखें, जैसे दुनिया के नियम, कहानी की रफ़्तार या पात्रों का व्यवहार। गद्य की आवाज़ राइटिंग स्टाइल में रखें।
  • प्लगइन के अलग-अलग मेल आज़माएँ और नतीजे देखकर समझें कि किससे कहानी में निरंतरता बेहतर होती है।
  • हर प्लगइन का मक़सद साफ़ रखें। अगर आप दो बिल्कुल अलग काम करवाना चाहते हैं, तो उनके लिए अलग-अलग प्लगइन बनाएँ।